किराये के मकान में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए अपना घर एक बड़ी चुनौती है।
केंद्र सरकार ने शहरी निवासियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 शुरू की है।
इस योजना का लक्ष्य करीब 1 करोड़ शहरी परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।
पात्र लाभार्थियों को ₹8 लाख तक के होम लोन पर सालाना 4% ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
इस ब्याज सब्सिडी से ऋण अवधि के दौरान अधिकतम ₹1.80 लाख तक का फायदा हो सकता है।
EWS (₹3 लाख तक), LIG (₹3-6 लाख), और MIG (₹6-9 लाख) आय वर्ग के लिए शर्तें हैं।
अपनी जमीन पर घर बनाने के लिए ₹1.5 लाख तक की केंद्रीय सहायता का प्रावधान है।
प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए किफायती किराये के मकान उपलब्ध होंगे।
आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी आवश्यक है।
PMAY-U 2.0 शहरी परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है।
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